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आर्मी की दौड कैसे जीतें, जानिए वो सीक्रेट जो कोच भी नहीं बताते

“ये सिर्फ दौड नहीं.. ये देशभक्ति कि परीक्षा है, जहाँ सांसे भी गिनती में चलती है | आर्मी की दौड कैसे जीतें? Army की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं कि पहली टक्कर होती है वो है 1600 मीटर कि दौड़ | सपना होता है “फौजी बनना” लेकिन रास्ता सिर्फ उन्हीं के लिए खुलता है जो इस दौड़ में हर कदम के साथ जज्बा दिखाते है|पर क्या आपने कभी सोचा |इतनी मेहनत के बावजूद भी ज्यादातर लडके क्यों फेल हो जाते है? असल में कमी उनके पैरों में नहीं, तैयारी के तरीके में होती है |आज हम आपको बताएँगे वो गुप्त बातें, जो अक्सर कोच भी नहीं बताते — वो सीक्रेट्स जो दौड़ को आपकी जीत बना सकते है |

सबसे बड़ी गलती: सिर्फ दौड़ना नहीं, सोच के साथ दौड़ना जरूरी है

अधिकतर उम्मीदवार दौड़ तो लगाते है, लेकिन कोई रणनीति नहीं बनाते| सुबह दौड़ ली, शाम को नहीं| कभी टाइम देखा, कभी नहीं यही लापरवाही उन्हें फेल करा देती है| इसलिए सबसे जरूरी है — हर दिन तय समय पर तय रूट के साथ दौड़ना | अपने टाइम को हर हफ्ते ट्रैक करो| खुद को हर दिन थोडा बेहतर बनाओ | चैलेंज के साथ एक महीने में बदलाव आ जायेगा करके तो देखो|

ARMY की दौड़ पास करने का असली फार्मूला

“वो सुबह 4 बजे उठता है, ठंडी जमीन पर नंगे पैर अत है.. उसे नहीं पता कि आज पास होगा या फेल.. उसे बस इतना पता है – उसे फौजी बनना है|”

Army की दौड़ ये कोई आम दौड़ नहीं है| ये उस सपने की पहली परीक्षा है जिसे आपने बचपन से सीने में सजाया है| – Indian Army की वर्दी पहनने का सपना |

हर साल लाखों उम्मीदवार आते है, लेकिन दौड़ कि शुरुआत होते ही कई पीछे छुट जाते है, कुछ की सांसे साथ नहीं देती, कुछ के पैरों में दम नहीं होता, और कुछ तो आधे रस्ते में ही हार मान लेते है|

ये दौड़ बन जाती है डर?

1600 मीटर सुनने में आसान लगता है, लेकिन जब 5 मिनट 30 सेकेण्ड की घडी सामने खड़ी होती है, तो पैरों से पहले दिमाग जवाब देने लगता है| यह वही समय होता है जब दिल और दिमाग की लड़ाई शुरु होती है – और फौजी वही बनता हैहै जो अपने डर को पीछे छोड़ देता है|

ताकत पैरों से नहीं, पेट से आती है

दौड़ से 30 मिनट पहले सिर्फ पानी पीकर नहीं निकलना है| एक केला, थोडा ग्लूकोज और गुनगुना पानी – ये तीन चीजें आपको जमीन पर उड़ने की ताकत देतीहै| दौड़ के बाद का खाना भी उतना ही जरूरी है- दूध, चना, अंडा, और खूब पानी| यही आपका असली प्रोटीन शेक है |

जूते आपकी स्पीड के दोस्त या दुश्मन हो सकते है

बाजार से कई भी स्पोर्ट्स जूते लेना सबसे बड़ी भूल है | हलके, फ्लेक्सिबल और GRIP वाले जूते ही ARMY Race के लिए बेस्ट है| गलत जूते थकन बढ़ाते है, फिसलते है, और स्पीड मार देते है|

वो बातें जो  कोच भी नहीं बताते

जब दौड़ शुरू हो तो पहले 200 मीटर धीमे जाओ ताकि लय सेट हो| बीच के 800 मीटर में स्पीड बढाओ और आखिरी 400 मीटर में खुद को फौलाद बना दो| अगर दौड़ते वक्त लग रहा है कि अब नहीं होहा – तो बस सोचों: “क्या मैं वर्दी पहनने का सपना यूँ ही छोड़ दूं ?”यही सोच दौड़ को बदल देती है |

मानसिक शक्ति = असली ताकत

हर दिन 5 मिनट आँख बाद करके बैठो | अपने फौजी बनाने का सपना आँखों में लाओ हर दिन खुद से कहो – “मैं हरूँगा नहीं, चाहे सांसे साथ छोड़ दे.. पर मैं दौड़ जीतूँगा |”

और ये छोटी – छोटी बातें बनायेंगी आपको बड़ा

अंतिम शब्द

Army की दौड़ एक दिन में नहीं जीती जाती – ये हर सुबह की मेहनत, हर शाम क तैयारी और हर रात के सपने से बनती है | हर दिन 5 मिनट आँख बाद करके बैठो | अपने फौजी बनाने का सपना आँखों में लाओ हर दिन खुद से कहो – “मैं हरूँगा नहीं, चाहे सांसे साथ छोड़ दे.. पर मैं दौड़ जीतूँगा |”

अगर तुम खुद पर यकीन कर सकते हो,तो दुनिया की कोई घडी तुम्हें हरा नहीं सकती|

 

 

 

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